पारुल को चुदाई का मजा दिया

Antarvasna, hindi sex story: मेरा दोस्त रजत और उसकी पत्नी प्रिया चाहते थे कि हम लोग उनके घर पर डिनर के लिए जाएं और जब उन दोनों की शादी की सालगिरह थी तो उन्होंने उस दिन हम लोगों को डिनर के लिए इनवाइट किया। मैं और मेरी पत्नी पारुल उस दिन डिनर के लिए उन लोगों के घर पर गए और वहां पर हम लोगों ने काफी अच्छा समय साथ में बताया फिर हम लोग घर वापस लौट आए थे। अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैं सुबह अपने ऑफिस जल्दी निकल गया था। जब मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस से लौट रहा था तो मुझे पारुल का फोन आया और वह कहने लगी कि मुझे तुमसे कुछ जरूरी काम था। मैंने पारुल से कहा कि हां कहो ना तुम्हें क्या काम था तो उसने मुझे बताया कि वह अपनी दीदी के घर जा रही है। पारुल की दीदी हमारे पड़ोस में ही रहती है और वह उस दिन अपनी दीदी को मिलने के लिए चली गई। जब वह अपनी दीदी को मिलने के लिए गई तो वहां से पारुल रात के वक्त लौटी मैं पारुल का इंतजार कर रहा था।

हम लोगों ने खाना खा लिया था और पारुल ने भी अपनी दीदी के घर से ही खाना खा लिया था। मैंने पारुल से पूछा कि तुम्हारी दीदी कैसी हैं तो पारुल ने मुझे कहा कि वह ठीक है। मैं और पारुल एक दूसरे से बातें कर रहे थे मैंने पारुल को बताया कि मैं कुछ दिनों के लिए मुंबई जा रहा हूं। पारुल ने मुझे कहा कि वहां क्या आप कुछ जरूरी काम से जा रहे हैं तो मैंने पारुल को बताया कि वहां पर मेरे ऑफिस की मीटिंग है इसलिए मुझे वहां जाना पड़ रहा है। पारुल और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे हम दोनों जब एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो पारुल ने मुझे कहा कि मैं आपका सामान पैक कर देती हूं मैंने पारुल से कहा नहीं मैं दो दिन बाद मुंबई जाऊंगा तुम कल ही मेरा सामान पैक करना।

अगले दिन पारुल और मैंने जब सामान की पैकिंग की तो मां हमारे रूम में आई और कहने लगी कि बेटा तुम मुंबई से वापस कब लौट आओगे तो मैंने उन्हें कहा कि मैं वहां से एक हफ्ते बाद वापस लौट आऊंगा। अगले दिन सुबह की फ्लाइट से मैं मुंबई चला गया और मैं वहां से होटल में गया। एक हफ्ता मैं मुंबई में रहा फिर मैं वापस लौट आया था। जब मैं वापस लौटा तो मुझे मां ने कहा कि हम लोग आज अरुण के घर जा रहे हैं। मैंने मां से कहा कि मां अरुण के घर कोई जरूरी काम है तो मां ने कहा कि हां आज अरुण की सगाई है। मैंने मां से कहा लेकिन मुझे तो इस बारे में कुछ पता ही नहीं है मां ने कहा कि बेटा अरुण की सगाई है। मैंने भी मां से कहा कि मां मैं भी आपके साथ चलता हूं।

अरुण का परिवार पहले हमारे पड़ोस में ही रहा करता था लेकिन अब उन लोगो ने अपना नया घर खरीद लिया है और वह लोग वहीं रहने लगे हैं। मेरा पूरा परिवार अरुण के घर गया हुआ था उस दिन उसकी सगाई थी। जब अरुण की सगाई हुई तो मैंने उसकी सगाई की उसे बधाई दी। अरुण एक अच्छी कंपनी में जॉब करता है और उस दिन अरुण से काफी समय बाद मिलकर मुझे अच्छा लगा। अब  हम लोग वापस लौट आए थे, जब हम लोग वापस लौटे तो मैं और पारुल एक दूसरे से बातें कर रहे थे। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं और जब भी मैं और पारुल साथ में होते हैं तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है।

मैं कोशिश करता हूं कि पारुल के साथ मैं ज्यादा समय बिताया करूँ। उस दिन भी हम दोनों साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे हम दोनों को एक दूसरे से बातें करना बहुत ही अच्छा लगता है। मैं जब पारुल के साथ बातें कर रहा था तो वह भी काफी खुश थी। अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था और मैं अपने ऑफिस चला गया। जब उस दिन मैं अपने ऑफिस गया तो लंच टाइम में मुझे पारुल का फोन आया और वह मुझसे कहने लगी कि आप ऑफिस से कब तक लौट आएंगे। मैंने पारुल से कहा कि मैं ऑफिस से शाम तक ही लौट पाऊंगा। पारुल और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे तभी मेरा दोस्त आया तो मैंने पारुल से कहा कि मैं तुमसे थोड़ी देर में बात करता हूं फिर मैंने फोन रख दिया था। मेरे ऑफिस में काम करने वाला मेरा दोस्त सोहन और मैं साथ में बैठे हुए थे सोहन और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

मैंने सोहन से कहा सोहन मैं सोच रहा था कि कुछ दिनों के लिए हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाये। सोहन मेरे ऑफिस में मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और हम दोनों साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे। सोहन ने मुझे कहा कि हां मैं भी काफी दिनों से सोच रहा था कि हम लोग कहीं घूमने के लिए जाएं। मैंने और सोहन ने उस दिन यह प्लान बनाया कि हम लोग गोवा घूमने के लिए जाएंगे। मैंने जब सोहन से इस बारे में कहा तो सोहन मेरी बात मान चुका था। पारुल के साथ मैं काफी लंबे समय के बाद घूमने के लिए जाने वाला था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी कि हम लोग गोवा जाने वाले है। मैंने जब इस बारे में पारुल को बताया तो वह भी बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि कितने लंबे समय के बाद हम लोग कहीं घूमने जा रहे हैं।

हम दोनों की शादी को करीब 3 वर्ष हो चुके हैं और इन 3 वर्षों के बाद हम लोग घूमने जा रहे थे। जब हम लोग गोवा गए तो वहां पर हम लोगों को बहुत ही अच्छा लगा और हम लोगों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। पारुल बहुत ज्यादा खुश थी और कुछ ही दिन में हम लोग वहां से वापस लौट आए थे। हम लोग गोवा में काफी समय तक रहे और उसके बाद जब हम लोग वापस लौटे तो पारुल इस बात से बड़ी खुश थी। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से हम लोगों ने गोवा में इंजॉय किया और साथ में समय बिताया। हमारे पड़ोस में ही मोनिका भाभी रहती हैं जो दिखने में बहुत ज्यादा सुंदर है और वह अक्सर मुझे दिखा करती। वह हमारे घर पर भी आती हैं क्योंकि उनकी पारुल के साथ काफी अच्छी बनती है इसलिए वह हमारे घर पर आती है। उनकी नजर मुझ पर थी और एक दिन जब मैं मोनिका भाभी के घर पर गया तो उस दिन उन्होंने मेरे लिए चाय बनाई।

हम दोनों उसके बाद साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे लेकिन मोनिका भाभी की बातो और उनके इशारों से मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था। मैं समझ चुका था वह मेरे लंड को लेने के लिए तड़प रही है। जब मैंने मोनिका भाभी से कहा हम लोग बेडरूम मे चले तो हम लोग उनके बेडरूम में गए। वह अपने कपड़ों को उतारकर मुझे अपने बदन को दिखाने लगी।मैं अब पारुल के बदन से उसके कपड़े उतारकर उसके होठों को चूमने लगा था और उसकी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ाने लगा था। उसकी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। मैं और पारुल एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश थे और मैंने पारुल के नरम होंठों को चूमना शुरू कर दिया था।

मैं उसके होठों को चूमकर उसकी गर्मी को बढता जा रहा था। उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा है मैं ज्यादा देर तक अब रह नहीं पाऊंगी। मैंने उसके रसीले गुलाबी होंठों को चूस कर उसकी आग को बढ़ाना शुरू कर दिया था। जब मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे तो वह बहुत ज्यादा तडपने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरी तड़प को तुमने बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। मेरी तडप भी बढ़ने लगी थी। जिस तरीके से पारुल और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे उससे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। मैंने पारुल की चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर की तरफ डालना शुरू कर दिया था उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। जब उसकी चूत में मेरा लंड घुसा तो वह कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

मैंने पारुल के दोनों पैरों को खोल दिया था जब मैंने उसके पैरों को खोला तो मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर होने लगा था। जिस तरीके से मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था उससे वह बहुत गर्म हो गई थी और मैं भी पारुल को तेजी से धक्के दिए जा रहा था। हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को बढा रहे थे और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। हम दोनों की गर्मी बढ़ रही थी अब हम दोनों की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि हम दोनो बिल्कुल भी रह ना पाए। मैंने पारुल से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। ना तो मैं रह पा रहा था और ना ही पारुल रह पा रही थी। पारुल की चूत से निकलती हुई आग मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी और मेरे धक्के और भी ज्यादा तेज होते जा रहे थे।

वह मुझे अब अपने पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करने लगी और जिस तरीके से वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकडने की कोशिश कर रही थी उससे उसे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। पारुल और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था। मैंने उसके पैरों को अपने कंधे पर रखा तो वह खुश हो गई और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। मेरा वीर्य मेरे अंडकोषो तक आ चुका था। जैसे ही मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को पारुल की चूत में गिरा तो वह खुश हो गई और मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो चुका था। पारुल और मेरे बीच अच्छे से सेक्स संबंध बने।

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