उर्मिला की चूत का गर्म पानी

Antarvasna, hindi sex story: मैं चेन्नई अपने मामा जी के पास जाता हूं जब मैं उनके पास जाता हूं तो वह मुझे कहते हैं कि ललित बेटा तुम यहीं चेन्नई में ही अपने लिए कोई नौकरी  तलाश क्यो नही कर लेते। मामा जी को यह बात पता थी कि मैंने कुछ समय पहले ही अपनी जॉब से रिजाइन दिया है और वह इस बात को अच्छी तरीके से जानते थे। मामा जी ने मुझे कहा कि बेटा तुम्हें जॉब के लिए अप्लाई कर देना चाहिए मैंने उन्हें कहा कि हां मामा जी मैं देखता हूं। मामा जी के एक बहुत ही करीबी दोस्त हैं जो कि उनके घर पर अक्सर आया जाया करते थे उससे पहले भी मैं उनसे कई बार मिल चुका था लेकिन जब उस दिन मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा मैं तुम्हारे लिए अपने ऑफिस में बात कर सकता हूं। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मेरे लिए अपने ऑफिस में बात कर दीजिएगा। इससे पहले मैं रोहतक में ही जॉब करता था लेकिन मेरी जॉब छूट जाने के बाद मैं काफी समय से खाली ही था। मामा जी के दोस्त ने मेरी जॉब अपने ऑफिस में ही लगवा दी थी अब मेरी जॉब चेन्नई में लग चुकी थी और मैं काफी खुश था की मैं चेन्नई में ही जॉब करने लगा हूं। मेरी जिंदगी में अब सब कुछ ठीक होने लगा था मैंने चेन्नई में ही एक घर किराए पर रहने के लिए ले लिया था मैं चाहता था कि पापा मम्मी भी मेरे पास रहने के लिए आ जाएं।

पापा भी अपने काम से कुछ दिन पहले ही इस्तीफा दे चुके थे और वह घर पर ही थे। मैंने जब पापा को फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा कि ललित बेटा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है तो मैंने उन्हें बताया कि मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है लेकिन मैं चाहता हूं कि आप लोग मेरे पास ही चेन्नई रहने के लिए आ जाए। वह लोग मेरी बात मान गए और पापा और मम्मी मेरे पास चेन्नई आ गए मेरे सिवा उनका और कोई नहीं था इसलिए वह लोग मेरे पास चेन्नई रहने के लिए आ गए और उनके आने से मैं काफी खुश था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि अब मैं चेन्नई में रहता हूं और पापा मम्मी भी मेरे पास ही रह रहे थे। एक शाम मामा जी घर पर आए हुए थे उस दिन वह मां से कहने लगे कि ललित के लिए आप लोग कोई अच्छी सी लड़की देख कर ललित का रिश्ता करवा दो लेकिन मैं तो अभी इस बारे में सोच ही नहीं रहा था। मामा जी के कहने पर मम्मी को भी शायद यह लगने लगा की मेरी शादी के लिए कोई लड़की देखनी चाहिए और वह लोग भी अब मेरे लिए लड़की तलाशने लगे थे।

जल्द ही हमारे एक परिचित की लड़की से मेरा रिश्ता तय हो गया, मैं भी अपने पापा मम्मी को कुछ कह ना सका और मेरी सगाई उर्मिला के साथ हो गई। उर्मिला के साथ मेरी सगाई हो जाने के बाद मेरी और उर्मिला की काफी कम बातें होती थी लेकिन जब भी मुझे समय मिलता तो मैं उर्मिला से जरूर बात कर लिया करता। मुझे बहुत अच्छा लगता जब भी मैं उर्मिला से बातें किया करता। एक दिन मेरे ऑफिस में काम करने वाले आदित्य ने मुझसे कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं उस दिन हमारे ऑफिस की छुट्टी थी और आदित्य को कोई जरूरी काम था तो मैं आदित्य को मिलने के लिए उसके घर पर चला गया। जब मैं आदित्य को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो वह घर पर ही था मैंने आदित्य को कहा आज तुमने मुझे फोन किया क्या कोई जरूरी काम था। आदित्य मुझे कहने लगा कि ललित आज तुम्हें मेरे साथ मेरी बहन के घर चलना है मैंने आदित्य को कहा लेकिन तुमने अचानक से अपनी बहन के घर जाने का फैसला कर लिया और तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया नहीं था। आदित्य मुझे कहने लगा कि अब तुम्हें क्या बताता मेरी बहन के घर पर कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है इसलिए मुझे ही आज अपनी बहन के घर पर जाना पड़ रहा है  मैंने आदित्य से सारी बात पूछी तो आदित्य ने मुझे बताया कि उसकी बहन के ससुराल वाले उसे काफी ज्यादा परेशान करते हैं। आदित्य के पापा का देहांत काफी वर्ष पहले हो गया था इसलिए आदित्य के ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी है आदित्य मुझे अपने बहुत ही करीब मानता है इसलिए उसने मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा और मैं आदित्य के साथ चला गया। जब मैं आदित्य की बहन के घर गया तो वह वाकई में बहुत परेशान थी और उसने जब आदित्य को अपने ससुराल वालों के बारे में बताया तो आदित्य को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ गया और आदित्य ने अपनी बहन के पति से ना जाने क्या कुछ कह दिया। मैंने आदित्य को कहा कि तुम शांत हो जाओ।

मैंने आदित्य की बहन सुहानी के पति से बात की सुहानी के पति की इसमें कोई गलती नहीं थी दरअसल गलती इसमें सुहानी के सास ससुर की थी इसलिए हम लोगों ने उसे समझाया, उस दिन तो हम लोग घर लौट आए थे। मैं जब घर लौटा तो उर्मिला का फोन मुझे आया जब उर्मिला का फोन मुझे आया तो मैं उर्मिला से बात कर रहा था और उससे काफी देर तक मैंने बात की आदित्य की बहन सुहानी के घर में भी अब सब कुछ ठीक हो चुका था और मैं भी काफी खुश था कि अब मेरी भी जल्द ही शादी होने वाली है। मेरी शादी जब उर्मिला के साथ हो गई तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और उर्मिला भी बहुत खुश थी कि उसकी शादी मुझसे हो चुकी है। हम दोनों पति पत्नी बन चुके थे और हम लोग बहुत ही ज्यादा खुश थे मैं इस बात से बहुत खुश था कि अब उर्मिला मेरी पत्नी बन चुकी है। उर्मिला घर की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही थी और मैं इस बात से काफी खुश था। उर्मिला चाहती थी कि वह जॉब करे तो मैंने उसे कहा कि यदि तुम जॉब करना चाहती हो तो तुम जॉब कर सकती हो, उर्मिला ने शादी के बाद जॉब छोड़ दी थी। हम दोनों की शादी को 6 महीने से ऊपर हो चुके थे।

उर्मिला ने हम ऑफिस ज्वाइन कर लिया था। वह जॉब करने लगी थी। हम दोनो ही ऑफिस से थके हुए आते। मै जब घर लौटा तो उर्मिला भी घर आ चुकी थी। हम दोनो डिनर करने के बाद साथ में हैं लेटे हुए थे। मैने उर्मिला के हाथो को पकडा तो उसे अच्छा लग रहा था। मैं उर्मिला को गरम कर चुका था। मैं जब उर्मिला के स्तनो पर अपने हाथ को लगाता तो वह उत्तेजित होती।उर्मिला मेरी बाहों में थी मैं उर्मिला के स्तनों को दबा रहा था। अब हम दोनों उत्तेजित होने लगे थे मैंने उर्मिला के होंठों को चूमना शुरू कर दिया। मैंने जब उर्मिला के होंठों को चूमना शुरू किया तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा था और उर्मिला को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मैंने उर्मिला से उसके कपड़े उतारने के लिए कहा तो वह अपने कपड़े उतार चुकी थी।

जब मैंने उर्मिला की ब्रा को खोल कर उसके स्तनों को अपने हाथ से महसूस करना शुरू किया तो मुझे अब और भी ज्यादा मजा आने लगा। उर्मिला को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है अब मैं एक पल के लिए भी रह नहीं पा रही हूं। मैं भी समझ चुका था उर्मिला की चूत से निकलती हुई गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ चुकी है। मैंने उर्मिला की पैंटी को नीचे किया और उर्मिला की योनि को चाटना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा और उर्मिला को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा है मैंने उर्मिला को कहा मजा तो मुझे भी बहुत ज्यादा आ रहा है और मैं काफी ज्यादा खुश हूं। मैंने उर्मिला की चूत को काफी देर तक चाटा। उर्मिला की चूत से निकलती हुई आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मैंने अपने मोटे लंड को उर्मिला की योनि पर लगाकर अंदर की तरफ डालना शुरू किया।

उर्मिला की चूत से गर्म पानी बाहर की तरफ निकल रहा था जैसे ही मैंने धीरे धीरे अपने मोटे लंड को उर्मिला की चूत के अंदर प्रवेश करवाना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। मेरा मोटा लंड उर्मिला की योनि के अंदर चला गया जब मेरा मोटा लंड उर्मिला की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और उर्मिला की योनि के अंदर से निकलता हुआ खून भी मेरी गर्मी को और भी बढ़ाता जा रहा था। मैंने उर्मिला के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। मैंने उर्मिला की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और उर्मिला को भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था। जब मैं उर्मिला को धक्के मार रहा था तो वह बोली और तेजी से चोदो मैंने उसे काफी तेज गति से धक्के मारे जिसके बाद मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया और मैंने उर्मिला को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। उर्मिला मुझे कहने लगी मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है और मैंने उर्मिला की योनि के अंदर ही अपने माल को गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा कर दिया। मेरे माल ने उर्मिला की गर्मी को शांत कर दिया था अब उर्मिला की चूत की गर्मी शांत हो चुकी थी। मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आया जब मैंने उर्मिला के साथ सेक्स किया। मै जितने दिनों तक इंदौर में रुका उतने दिनो तक मैने उर्मिला को खूब जमकर चोदा। वह बहुत ज्यादा खुश थी जब मैंने उसके साथ सेक्स किया। वह मेरे लिए बहुत ही ज्यादा तड़पती है।

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